Thursday, 17 May 2012

kateelee ho tum (parody)

 एक गंवार ताड़ी पीने वाला प्रेमी अपनी प्रेमिका कटीली के लिए :-
  
 तुम अगर पास आने का वादा करो ,
मैं बदन पे बताशे सजाता रहूँ . 
 तू मुझे देखकर मुस्कराती रहो 
मैं तुझे देखकर आम खाता रहूँ . 

जैसे ताड़ी की लबनी पुरानी कोई ,
उस तरह से रसीली नशीली हो तुम . 
तुम न समझो , तुम्हारा कलंदर हूँ मैं ,
मेरे सपनों की रानी कटीली हो तुम .
तुम अगर मेरी बगिया में घूमा करो ,
घास पर मैं अंगोछे बिछाता रहूँ . 
तुम अगर पास आने का वादा करो ,
मैं बदन पे बताशे सजाता रहूँ .